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Showing posts from March, 2023

गांव नचार खेड़ा में गंदे पानी की निकासी व्यवस्था Dirty water drainage system of village

 यदि गांव के गंदे पानी की निकासी की बात करें तो इस बारे में हमेशा से ही मतभेद रहे हैं और गांव कोई छोटा हो या बड़ा तो पानी निकालने के बारे में विवाद होते ही रहते हैं तो ऐसे ही मैं जब कहीं पर जा रहा था तो अंकित के पास रास्ते में रुक गया इस बात पर डिस्कस करने के लिए क्योंकि वह अक्सर गांव में रहता है और उसको गांव कि मुझसे ज्यादा जानकारी है तो उसने बहुत ही लाभदायक और विश्वसनीय जानकारी प्रदान की जिसके मुझे जरूरत थी सबसे पहले हमने जो स्कूल के पास से सबसे अधिक पानी एकत्रित हुआ है उसके बारे में बात की तो उसने बताया कि जो पिछले सरपंच थे दिलबाग हालांकि उनके छोटे भाई की पत्न सरपंची नाम दिलबाग का ही चलता था तो फिर उन्होंने जो नालियों के ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था थी उसको बदल के रख दिया था कि उनके घर के सामने से होकर के चढ़ाया जाए क्योंकि उन्होंने अपने घर के सामने साफ सफाई रखने की सोची और इस बारे में उन्होंने अपनी मनमानी की जो कि उचित नहीं था और इसी वजह से वहां पर काफी सारा पानी इकट्ठा हो गया था और ऐसा अक्सर हर एक गांव में होता है जिसके पास सरपंच सी होती है वह कुछ न कुछ ऐसे कदम उठाते हैं जिससे अ...

गली व्यवस्था Streets of village in nachar khera

जैसे ही हम गांव नचार खेड़ा में प्रवेश करते हैं तो यहां का मुख्य बस स्टैंड है जिस पर हमेशा से ही बड़ पीपल का वृक्ष और नीम का वृक्ष यानी कि कई त्रिवेणी या लगी रही हैं बुजुर्गों ने यहां पर छांव में बैठकर बड़े दिन बताए हैं मैं बस स्टैंड पर उतरते ही एक कुआं है जहां पर पूरा गांव पीने काजल भरता था और यहां पर जो त्रिवेणी है उनके नीचे पीने के पानी के मटके रखे जाते थे आज भी औरतें वहां पर गर्मियों में को रे पानी के मटके रखती हैं और श्याम वहां पर पानी भरकर आती हैं ताकि आने जाने वाले यात्रियों को अपनी प्यास बुझाने में आसानी हो और उनके लिए साफ और ठंडा जल उपलब्ध रहे बस स्टैंड पर उतरते ही जैसे ही हम गांव की तरफ मुंह करेंगे तो वहां पर सीधा बीच में एक मुख्य गली है जो कि गांव की सामान्य चौपाल तक जाती है और उसके थोड़ा दाएं तरफ एक गली वह भी छोटी गली है और वह दूसरी तरफ निकल जाती है और उसके एक और दाएं तरफ गलीया उसको हम रोड भी बोल सकते हैं जो कि सरकारी स्कूल के पास से होते हुए सीधी शुरू पुरा गांव में सड़क पर मिल जाती है

लेखक के बारे में About the author Ramu Kavi Kisan

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रामनिवास नचार खेड़ा जीवनी Ramu Kavi Kissan Biography Ramniwas Biography Ramniwas Nachar Khera Jind Haryana Biography Ramu Kavi Kisan Biography  रामू कवि किसान नचार खेड़ा जीवनी https://ramukavikissan.blogspot.com/2018/01/ramu-kavi-kissan-biography-ramniwas.html?m=1 2021 घर पर फोटो जीवन वृत्त - रामनिवास, नचार खेड़ा, जींद हरियाणा हिंदुस्तान ने अपनी तीसरी क्लास तक की पढ़ाई अपने घर और गांव नचार खेड़ा की चौपाल में ही पूरी की.  चौथी क्लास पड़ोस के गांव काकड़ोद से की. इसके बाद परिवार उचाना शहर चला गया तो वहां के एक प्राइवेट स्कूल न्यू टैगोर हाई स्कूल से पांचवीं से आठवीं तक की पढाई की.  इसके बाद फिर गांव आकर नोवीं से बाहरवी कक्षा तक सूरज भान मेमोरियल स्कूल काकड़ोद से पूरी की. बारहवीं में भिवानी बोर्ड के 0.01 फीसदी छात्रों में अपना स्थान बनाया और ग्रामीण मेरिट प्राप्त की. नोवीं क्लास में थे तभी से लिखना और खेत में बैलों से जुताई करना शुरू कर दिया था. अपना अधिकतर समय खेतों और किताबों में ही बिताना पसंद करते थे. कुछ समय गांव के स्कूल में वॉलीबॉल खेलने के लिए भी निकाल लिया करते थे. बैलों से ...

गांव नचार खेड़ा व पड़ोस का इतिहास History of nachar khera and neighbourhood

गांव नचार खेड़ा का इतिहास लगभग 300 साल पुराना है यहां पर सबसे पहले गांव बुड्ढा खेड़ा से आकर कुछ बुजुर्ग बस गए थे और उन्होंने धीरे-धीरे सामाजिक रूप से और आपसी भाईचारे के लिए तथा दैनिक कार्यों में आपसी सहयोग के लिए सभी जातियों के लोगों को बसा लिया था। जैसे कि लोहे के काम के लिए लोहारों को और काठ या लकड़ी के काम के लिए खाती जाति के लोगों को तथा दो घर नाई जाति के थे एक घर बनिया जाति का। गांव नचार खेड़ा का पुराना नाम क्या है? कुछ लोग सोचते हैं कि गांव नचार खेड़ा का पुराना नाम धरौंद खेड़ा / दरौंध खेडा है जबकि गाम दरौंद खेड़ा, गांव नचार खेड़ा व दुर्जनपुर के बीच खेतों में बना एक बेचिराग गांव है जिसे पुरातत्व विभाग हरियाणा द्वारा पुरातात्विक संरक्षण दे दिया गया है।