संरक्षित स्मारक स्थान नचार खेड़ा Protected Monument Archaeological Place Nachar Khera Jind
दरौंद खेड़ा जोकि नचार खेड़ा के बिल्कुल सटा हुआ गांव है हरियाणा के जींद जिले का एक बेचिराग गाँव है।
हरियाणा पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय (Directorate of Archaeology & Museums) की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, दारौंद खेड़ा में एक प्राचीन स्थल (Ancient Site) है जिसे संरक्षित स्मारक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। पुरातत्व धरोहर नाचार खेड़ा
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| 1 नवंबर 2024 को रामू कवि किसान नचार खेड़ा द्वारा ली गई तस्वीर संरक्षित स्मारक धरौंद खेड़ा जींद हरियाणा |
हरियाणा से जुड़ी और अधिक जानकारी पुरातत्व विभाग, संरक्षित स्मारक, हरियाणा के संग्रहालय हरियाणा की खेती हरियाणा की माटी हरियाणा की बोली भाषा की जानकारी के लिए रामू कवि किसान नचार खेड़ा द्वारा लिखित पुस्तक "म्हारा हरियाणा, देखो सारा सीमाणा" इस लिंक पर क्लिक करके
https://ramukavikissan.blogspot.com/2025/08/sara-haryana-yahan-samana-by-ramu-kavi.html पढ़ सकते हैं।
Protected Monument Archaeological Place Nachar Khera Jind Haryana
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| नाचार खेड़ा के नज़दीक दरौंद खेड़ा जींद में |
इन रामायणकालीन अवशेषों को 2019 में ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय सदन में भी प्रदर्शित किया गया और शोध के लिए रखा गया। स्थानीय लोग इस क्षेत्र में एक बड़ा पुरातात्विक संग्रहालय या शोध संस्थान बनाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि धरोंद खेड़ा में कोई आबादी नहीं है और 72 एकड़ जमीन खाली है, जो शोध और संरक्षण के लिए उपयुक्त है।
गांव नचार खेड़ा के नजदीक दरौंद खेड़ा को हरियाणा के पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय चंडीगढ़ द्वारा एक संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है जिसके लिए गाम दुर्जनपुर से रोड भी बना दिया गया है और उसके चारों ओर चार दिवारी निकाल दी गई है। इसकी खुदाई का काम भी जल्द ही शुरू होने वाला है और तभी पता चल पाएगा कि यह प्राचीन सभ्यता कब से कब तक रही होगी।
गाम नचार खेड़ा, जिला जींद, राज्य हरियाणा से प्राप्त एक टेराकोटा मूर्ति, जिस पर ब्राह्मी अक्षरों में राम नाम अंकित है लगभग तीसरी शताब्दी ईस्वी की बनी हुई है। यहां से गुप्तकालीन सूर्य भगवान की मूर्ति भी मिली है। और मिट्टी से बने बर्तनों के अवशेष सबसे अधिक मिले हैं जो अब भी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।
इसके आधार पर इसे पुरातात्विक विवरण के रूप में इस तरह लिखा जा सकता है—
नाचार खेड़ा, जींद (हरियाणा) से प्राप्त टेराकोटा मूर्ति
स्थान: नाचार खेड़ा, जिला जींद, हरियाणा
काल: लगभग तीसरी शताब्दी ईस्वी (गुप्त काल से पूर्व, संभवतः कुषाणोत्तर काल)
सामग्री: टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी)
वर्णन: इस मूर्ति पर प्राचीन ब्राह्मी लिपि में स्पष्ट रूप से "राम" नाम अंकित है। अक्षर उकेरने की शैली उस काल की लिपि-विकास प्रक्रिया का प्रमाण देती है।
महत्त्व:
1. यह मूर्ति उत्तर भारत में तीसरी शताब्दी ईस्वी के धार्मिक विश्वास और राम नाम के व्यापक सांस्कृतिक प्रसार का ठोस साक्ष्य है।
2. ब्राह्मी लिपि का प्रयोग दर्शाता है कि इस क्षेत्र में उस समय लेखन-पद्धति और शिल्पकला का अच्छा विकास था।
3. हरियाणा के प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में रामकथा के प्रभाव को प्रमाणित करती है।
गुप्त काल का समय भारत में लगभग 240 ई. से 550 ई. तक माना जाता है, जिसे भारतीय इतिहास का 'स्वर्ण युग' भी कहा जाता है।
नाचार खेड़ा से गुप्त काल की एक टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी) की पट्टिका (plaque) मिली है। यहां से मिट्टी की बनी पक्की ईंट मिली है जिस पर रामायण के श्लोक अंकित है। पट्टिका वर्तमान में झज्जर के गुरुकुल संग्रहालय में रखी हुई है।
यह नाचार खेड़ा (जिला जींद, हरियाणा) के पुरातात्विक महत्व को दर्शाती है।
गुप्त काल (लगभग 4वीं–6वीं शताब्दी ईस्वी) में बनी टेराकोटा पट्टिकाएँ अक्सर धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक दृश्यों को दर्शाने के लिए प्रयुक्त होती थीं।
ऊपर बताए अनुसार:
स्थान – नाचार खेड़ा, जींद, हरियाणा
काल – गुप्त काल (लगभग 320–550 ई.)
वस्तु – टेराकोटा पट्टिका (पकी हुई मिट्टी की बनी हुई), मिट्टी के पक्के हुए बर्तन।
चित्रण – रामायण के श्लोक का एक दृश्य और बर्तनों का आभास।
महत्त्व –
1. यह पट्टिका गुप्त युग की कला और धार्मिक जीवन की झलक देती है।
2. उस समय रामायण की कहानियाँ कला, मृत्तिका ज्ञान, मूर्तिकला और मंदिर सज्जा का प्रमुख विषय थीं।
3. हरियाणा क्षेत्र में गुप्त कालीन धार्मिक प्रभाव और शिल्पकला के विस्तार का प्रमाण मिलना।
नाचार खेड़ा में प्राचीन साइट दरौंद खेड़ा जींद जिले की हरियाणा सरकार द्वारा जारी फोटो
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| नचार खेड़ा के नजदीक धरौंद खेड़ा |
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| पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग हरियाणा की वेबसाइट पर |
इस जानकारी के लिए आप हरियाणा सरकार कीअधिकारिक वेबसाइट पुरातत्व संग्रहालय एवं स्मारक वेबसाइट https://archaeology.haryana.gov.in/ पर भी जा सकते हैं
पुरातत्व विभाग हरियाणा द्वारा संरक्षित स्मारक नचार खेड़ा के नजदीक दरौंद खेड़ा ramu Kavi Kisan Nachar Khera द्वारा उल्लिखित ब्लॉग है और यह 2025) का लिंक है, मैं इसकी सामग्री को सीधे सत्यापित नहीं कर सकता। हालांकि, आपके प्रश्न और संदर्भ के आधार पर, मैं यह मान रहा हूं कि यह ब्लॉग नचार खेड़ा के पास दरौंद खेड़ा के पुरातात्विक स्थल के बारे में जानकारी देता है, जो हरियाणा पुरातत्व और संग्रहालय विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक है।
सामान्य रूप से, ऐसे ब्लॉग में निम्नलिखित प्रकार की जानकारी हो सकती है:
1. **स्थल का ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व**: दरौंद खेड़ा में पुरातात्विक उत्खनन से प्राप्त अवशेष, जैसे मृद्भांड, उपकरण, या संरचनाएं, जो हड़प्पा काल या अन्य प्राचीन सभ्यताओं से संबंधित हो सकते हैं। यहां से गुप्तकालीन सूर्य भगवान की मूर्ति भी मिली है। यह स्थल की प्राचीनता और इसके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित कर सकता है।
2. **संरक्षण की स्थिति**: यह संभावना है कि ब्लॉग में हरियाणा सरकार द्वारा इस स्थल को *हरियाणा प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1964* के तहत संरक्षित करने की प्रक्रिया का उल्लेख हो। इसमें स्थल की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों, जैसे चारदीवारी, रखवाली, या संरक्षण कार्यों का विवरण हो सकता है।
3. **स्थानीय इतिहास और संदर्भ**: ब्लॉग में नचार खेड़ा और आसपास के क्षेत्रों के इतिहास, स्थानीय संस्कृति, या इस स्थल से जुड़े लोककथाओं और कहानियों का जिक्र हो सकता है।
4. **पुरातात्विक खोजें**: उत्खनन के दौरान मिले विशिष्ट अवशेषों, जैसे मिट्टी के बर्तन, हड्डियां, या प्राचीन संरचनाओं का विवरण, जो इस क्षेत्र के प्राचीन निवासियों की जीवनशैली को दर्शाते हों।
5. **पर्यटन और शैक्षिक महत्व**: ब्लॉग में इस स्थल को इतिहास प्रेमियों, पुरातत्वविदों, और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसमें यह भी बताया गया हो कि इसे कैसे देखा या समझा जा सकता है।
यदि आप ब्लॉग से किसी विशिष्ट जानकारी की अपेक्षा कर रहे हैं (उदाहरण के लिए, कोई विशेष तथ्य, तारीख, या खोज), तो कृपया मुझे और विवरण प्रदान करें, जैसे कि ब्लॉग में उल्लिखित कोई खास बिंदु या अनुभाग। वैकल्पिक रूप से, यदि आप चाहें तो मैं सामान्य रूप से दरौंद खेड़ा के पुरातात्विक महत्व और हरियाणा में इसके संरक्षण के बारे में और विस्तार से बता सकता हूं। आप हमारे व्हाट्सएप नंबर 8901621732 पर एसएमएस कर सकते हैं।
वर्तमान में इसके वास्तविक स्वरुप को देखने के लिए आप रामू कवि किसान नचार खेड़ा जींद की बनाई इस वीडियो में विस्तार हैं देख सकते हैं







यदि किसी प्रकार की अन्य जानकारी चाहते हैं तो आप दिए गए नंबर प्रश्न या एसएमएस कर सकते हैं
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